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Jharkhand

घर की रसोई से ऑस्ट्रेलिया तक—सुलोचना का धमाका

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कहते हैं जहां चाह, वहां राह… और यह बात रांची की 55 वर्षीय सुलोचना पर बिल्कुल फिट बैठती है। सुलोचना ने उम्र के इस चरण में बिज़नेस शुरू किया, और आज उनके प्रोडक्ट की धमक रांची से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक सुनाई देती है।

उन्होंने अपने घर से ही मेयोनेज़, सॉस, मसाले और हर्ब प्रोडक्ट बनाना शुरू किया। खास बात—सुलोचना अपने सभी हर्ब खुद उगाती हैं: बेसिल, ओरिगैनो, चिल्ली… सब कुछ घर की खेती से। इसी वजह से उनके प्रोडक्ट की शुद्धता की गारंटी 100% है।

उनकी हेल्थ ईटिंग कंपनी आज मसाले, सॉस, चटनियाँ, हर्ब और ओट्स-मोरिंगा जैसे हेल्थ प्रोडक्ट तैयार करती है। रांची से बाहर घूमने जाने वाले लोग इनके प्रोडक्ट थोक में खरीदते हैं।

आज उनकी फर्म में 10 से ज़्यादा लोग काम कर रहे हैं। पैकेजिंग से लेकर मसाले पीसने तक हर काम उनकी निगरानी में होता है। कंपनी लाखों का टर्नओवर कर रही है।

सुलोचना का कहना है—“बिज़नेस शुरू करने के लिए उम्र नहीं, हिम्मत चाहिए। मन में रुचि हो तो सफलता तय है।”

घर की रसोई से शुरू होकर ऑस्ट्रेलिया तक पहुँच चुकी यह कहानी सच में प्रेरणा देती है।

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Election

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल सोरेन कल करेंगे नामांकन, कई बड़े नेता रहेंगे शामिल

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घाटशिला। झारखंड की चर्चित घाटशिला विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन शुक्रवार (17 अक्टूबर) को नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, घाटशिला में नामांकन के दौरान भाजपा की ओर से राज्य और केंद्रीय स्तर के प्रमुख नेता उपस्थित रहेंगे। पार्टी ने इसे आदिवासी बहुल सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने के मौके के रूप में देखा है।

इस सीट पर भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के बेटे सोमेश चंद्र सोरेन पर दांव लगाया है। इस मुकाबले को दो प्रमुख सोरेन परिवारों की प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, झामुमो की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी घाटशिला में अपने उम्मीदवार के समर्थन में नामांकन सभा में शामिल होंगे। दोनों ही दलों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं को नामांकन रैली में भारी संख्या में जुटने का निर्देश दिया है।

बता दें कि घाटशिला उपचुनाव 11 नवंबर 2025 को होना है। यह सीट झारखंड के पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी। अब इस सीट पर भाजपा और झामुमो के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।

 

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Bihar

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर हजारीबाग पुलिस हाई अलर्ट पर, अब तक 16.5 लाख रुपये नकद और विदेशी शराब जब्त

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हजारीबाग। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र झारखंड की सीमावर्ती जिलों में पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। हजारीबाग पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है, जिसके तहत अब तक 16.5 लाख रुपये नकद और विदेशी शराब जब्त की गई है।

जानकारी के अनुसार, चौपारण थाना क्षेत्र के चोरदाहा चेकपोस्ट पर वाहन जांच के दौरान एक इरटिगा कार से सूटकेस में रखे ₹16.5 लाख नकद बरामद किए गए। कार सवार व्यक्ति से पैसे के स्रोत से संबंधित कोई संतोषजनक दस्तावेज नहीं मिला। वहीं, अलग-अलग जगहों से विदेशी शराब की खेपें भी पकड़ी गई हैं।

हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बताया कि बिहार चुनाव को लेकर जिले में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है ताकि अवैध नकदी, शराब और अन्य सामानों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

पुलिस ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक कई जिलों में नकद, शराब, हथियार और उपहार सामग्री जब्त की गई है। झारखंड प्रशासन ने बिहार सीमा से सटे इलाकों में 43 चेकपोस्ट बनाकर संयुक्त टीमों को तैनात किया है।

हजारीबाग पुलिस का कहना है कि चुनाव तक यह अभियान जारी रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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Jharkhand

झारखंड में दीपावली पर सिर्फ दो घंटे पटाखे चलाने की अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की सख्त गाइडलाइन

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रांची। दीपावली के मौके पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से पटाखे चलाने के लिए सिर्फ दो घंटे की समय सीमा तय की है।

नई गाइडलाइन के अनुसार, राज्य में दीपावली की रात रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, केवल ग्रीन (हरित) पटाखों का उपयोग करने की इजाजत होगी। जिन जिलों में वायु गुणवत्ता “मध्यम” या उससे बेहतर श्रेणी में है, वहीं इन पटाखों के प्रयोग की अनुमति दी गई है।

प्रदूषण बोर्ड ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति में ध्वनि सीमा 125 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, अस्पतालों, विद्यालयों और वृद्धाश्रम जैसे शांत क्षेत्रों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

बोर्ड ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इन सख्त गाइडलाइनों का मकसद त्योहारों के दौरान बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण करना और लोगों को स्वच्छ वातावरण में त्योहार मनाने का अवसर देना है।

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