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चुनाव हार के बाद RJD में घमासान: तेजस्वी–रोहिणी विवाद खुलकर आया सामने, रोहिणी बोलीं—“मेरा अब कोई परिवार नहीं”

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बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी तनाव खुलकर सामने आ गया है। चुनाव नतीजों के कुछ ही घंटों बाद पार्टी नेता तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य के बीच जोरदार झगड़ा हुआ, जिसके बाद रोहिणी ने परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया।

तेजस्वी ने कहा—“तुम्हारी वजह से हम शापित हैं” | चप्पल फेंकने तक की नौबत

एनडीटीवी के सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर तेजस्वी यादव ने चुनाव हार का ठीकरा अपनी बड़ी बहन रोहिणी पर फोड़ दिया। संवाद में तेजस्वी ने कथित रूप से कहा—
“तुम्हारे कारण हम चुनाव हार गए… तुम्हारी वजह से हम शापित हैं।”

विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में तेजस्वी ने कथित रूप से रोहिणी पर चप्पल फेंकी और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया।

“हार की पूरी जिम्मेदारी मैं ले रही हूं” — रोहिणी

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की नौ संतानों में से एक रोहिणी आचार्य ने शनिवार को कहा कि वह परिवार से दूरी बना रही हैं और राजनीतिक जीवन समाप्त कर रही हैं।
उन्होंने कहा—
“बिहार चुनाव में हार की जिम्मेदारी मैं अपने ऊपर ले रही हूं।”

“मेरा अब कोई परिवार नहीं” — रोहिणी का दर्द

रोहिणी ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि जो लोग तेजस्वी के करीबी सहयोगियों संजय और रमीज पर सवाल उठाते हैं, उन्हें परिवार से बाहर कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा—
“मेरा अब कोई परिवार नहीं है। संजय, रमीज और तेजस्वी से पूछिए—उन्होंने मुझे परिवार से निकाल दिया क्योंकि वे जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते।”

रोहिणी ने आरोप लगाया कि परिवार में सवाल उठाने वालों की बदनामी की जाती है और उन पर चप्पलों से हमले तक किए जाते हैं।

“कल मुझे अपमानित किया गया… चप्पल उठाई गई”

रविवार सुबह एक नई पोस्ट में रोहिणी ने लिखा—
“कल एक बेटी, एक बहन, एक विवाहित महिला और एक मां को अपमानित किया गया। मुझे गंदी गालियां दी गईं, मेरे ऊपर चप्पल उठाई गई।”

उन्होंने लिखा कि यह सब इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने “अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया” और “सत्य का त्याग नहीं किया।”

“मेरी किडनी खराब बताई गई… करोड़ों लेकर ट्रांसप्लांट करवाने का आरोप लगाया गया”

एक अन्य भावुक पोस्ट में रोहिणी ने लिखा—
“कल कहा गया कि मैं बुरी हूं, मैंने करोड़ों रुपये लेकर टिकट खरीदा और अपनी खराब किडनी अपने पिता को ट्रांसप्लांट करवाई।”

याद हो कि 2022 में रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू यादव को किडनी दान की थी।

“किसी भी परिवार में रोहिणी जैसी बेटी न हो” — पीड़ा भरा संदेश

रोहिणी ने पोस्ट में लिखा—
“मैंने अपने तीन बच्चों की देखभाल नहीं की, अपने पति और ससुराल वालों से अनुमति नहीं ली, बस अपने पिता को बचाने के लिए किडनी दे दी… यह आज मेरे लिए बड़ा पाप बन गया।”

उन्होंने बेटियों को संदेश देते हुए कहा—
“आपमें से कोई मेरी तरह गलती न करे। किसी भी परिवार में रोहिणी जैसी बेटी न हो।”

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