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सुप्रीम कोर्ट ने सोरेन सरकार को दी राहत, सरांडा वन क्षेत्र को अभ्यारण्य घोषित करने के लिए 7 दिन का समय
रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को सरांडा वन क्षेत्र मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह 31,468 हेक्टेयर क्षेत्र को वन्यजीव अभ्यारण्य के रूप में 7 दिनों के भीतर अधिसूचित (Notify) करे।
मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि इस अधिसूचना से चल रहे वैध खनन पट्टों और खनन गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अदालत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय में अधिसूचना जारी नहीं की गई तो अदालत स्वयं वृत्तादेश (writ of mandamus) जारी कर सकती है।
राज्य सरकार ने पहले सरांडा क्षेत्र को 57,519 हेक्टेयर तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें से लगभग 13,600 हेक्टेयर क्षेत्र को ससान्गदाबुरु संरक्षण क्षेत्र के रूप में रखा जाएगा।
अदालत ने सरकार को एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (compliance affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस फैसले को झारखंड सरकार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि अब पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियाँ भी जारी रह सकेंगी।