Bihar
बिहार की तरह झारखंड में भी होगा वोटरों का SIR, जानिए इसके फायदे
रांची। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी चुनाव आयोग मतदाताओं की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision – SIR) करेगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम कई जगह दर्ज है, तो वह उसी स्थान पर वोट दे पाएगा जहाँ वह वास्तव में रहता है।
क्या कहा सांसद ने
डॉ. दुबे ने इस अवसर पर यह भी कहा कि SIR होने से झारखंड में बांग्लादेशियों को वोट डालने का अधिकार नहीं मिलेगा।
वे आरोप लगाने लगे कि कांग्रेस चुनाव आयोग का दुरुपयोग करती रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस एवं विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा पर घटिया राजनीति कर रहे हैं।
SIR क्या है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है —
दोहरे या गलत नाम हटाए जाते हैं,
मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं,
सूची की पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।
मौजूदा समय में यह योजना बिहार में पहले ही लागू हो रही है।